नाइट्रिक ऑक्साइड के गुण उपयोग और जानकारी Nitric oxide in Hindi

नाइट्रिक ऑक्साइड के गुण उपयोग और जानकारी Nitric oxide in Hindi

नाइट्रिक ऑक्साइड क्या है (What is Nitric oxide in Hindi)

नाइट्रिक ऑक्साइड एक विषैली गैस है, इसे नाइट्रोजन मोनोऑक्साइड के नाम से भी जाना जाता है, इसका रासायनिक सूत्र NO है। इसके एक अणु में नाइट्रोजन का एक परमाणु, और ऑक्सीजन का एक परमाणु होता है। यह गैस नाइट्रोजन के ऑक्सीकरण से बनती है। यह गैस दहन प्रक्रियाओं में उत्पन्न होती है, जब हवा और हाइड्रोकार्बन ईंधन के मिश्रण को इंटरनल कंबस्चन इंजन या बिजली संयंत्र में जलाया जाता है, तो हवा में सामान्य रूप से उपस्थित निष्क्रिय नाइट्रोजन बहुत उच्च तापमान पर ऑक्सीजन के साथ मिलकर नाइट्रिक ऑक्साइड गैस बनाती है। इसके अलावा वातावरण में प्राकृतिक रूप से बिजली कड़कने पर ऑक्सीजन और नाइट्रोजन गैस के संयोजन से भी यह गैस उत्पन्न होती है।

नाइट्रिक ऑक्साइड के गुण (Properties of Nitric oxide in Hindi)

  • नाइट्रिक ऑक्साइड एक रंगहीन गैस है
  • इसका घनत्व 1.34 किलोग्राम प्रति घन मीटर होता है, इसलिए यह सामान्य हवा से भारी गैस होती है।
  • इसका गलनांक (Melting Point) -164 डिग्री सेल्सियस होता है, अर्ताथ इस तापमान पर यह ठोस अवस्था से तरल अवस्था में परिवर्तित हो जाती है, -164 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर यह ठोस अवस्था में पायी जाती है।
  • इसका क्वथनांक (Boiling Point) -152 डिग्री सेल्सियस है, इस तापमान पर यह तरल अवस्था से गैस अवस्था में परिवर्तित हो जाती है।
  • तरल अवस्था में यह गैस हलके नीले तरल के रूप में दिखाई देती है, जबकि ठोस अवस्था में यह नीले-सफ़ेद ठोस पदार्थ के रूप में दिखाई देती है।
  • यह गैस ज्वलनशील नहीं होती, परन्तु यह दहन प्रक्रिया को तेज कर देती है।
  • यह ऑक्सीजन के साथ तेजी से प्रतिक्रिया करके नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, NO2 बनाती है।
  • इसकी एक तीखी और मीठी गंध होती है।
  • उच्च सांद्रता में यह एक अत्यंत विषैली गैस है।
  • यह गैस जल में बहुत कम घुलनशील होती है, जल में यह ऑक्सीजन से प्रतिक्रिया करके नाइट्रस एसिड बनाती है, 4 NO + O2 + 2H2O ➜ 4 HNO2
  • यह हवा में ओजोन के साथ प्रतिक्रिया करके नाइट्रोजन डाइऑक्साइड बनाता है।

नाइट्रिक ऑक्साइड के उपयोग (Uses of Nitric oxide in Hindi)

  • नाइट्रिक ऑक्साइड मनुष्यों और अन्य जानवरों में महत्वपूर्ण रासायनिक संकेतन कार्य करता है और चिकित्सा में इसके विभिन्न अनुप्रयोग हैं ।
  • नाइट्रिक ऑक्साइड सूक्ष्म मात्रा में मानव शरीर की लगभग हर प्रकार की कोशिका द्वारा निर्मित होता है और रक्त वाहिका स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण अणुओं में से एक है। यह एक वैसोडिलेटर है, जिसका अर्थ है कि यह हमारे शरीर में रक्त वाहिकाओं की आंतरिक मांसपेशियों को आराम देता है, जिससे वाहिकाओं का विस्तार होता है। इस तरह, नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त प्रवाह को बढ़ाता है और रक्तचाप को कम करता है।
  • नाइट्रिक ऑक्साइड एक गैस है। यह विशेष रूप से फेफड़ों में रक्त वाहिकाओं को चौड़ा (फैलाने) के लिए चिकनी मांसपेशियों को आराम देकर काम करता है। समय से पहले बच्चों में श्वसन विफलता का इलाज करने के लिए नाइट्रिक ऑक्साइड का उपयोग श्वास मशीन (वेंटिलेटर) के साथ किया जाता है।
  • नाइट्रिक ऑक्साइड शरीर में एक यौगिक है, जो कुछ हार्मोन, जैसे इंसुलिन और मानव विकास हार्मोन की रिहाई को उत्तेजित करता है।
  • नाइट्रिक ऑक्साइड का उपयोग नाइट्रिक एसिड के उत्पादन में किया जाता है।
  • रेयान (Rayon) को ब्लीच करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है।

अन्य जानकारी (Other Information)

नाइट्रिक ऑक्साइड गैस सॉंस लेने और त्वचा के द्वारा अवशोषण के लिए अत्यंत विषैला है, परन्तु यह हमारे शरीर में स्वाभाविक रूप से सूक्ष्म मात्रा में निर्मित होता है, और हमारे शरीर की कई महत्वपूर्ण क्रियाओं के सुचारु रूप से चलने के लिए आवश्यक होता है।

नाइट्रिक ऑक्साइड का सबसे खतरनाक प्रभाव फेफड़ों पर पड़ता है। इसमें सांस लेने पर खांसी और सांस की तकलीफ के लक्षण के साथ-साथ गले और छाती में जलन होती है। मरीजों को मतली और थकान का अनुभव हो सकता है। कुछ लक्षणों के प्रकट होने में कई घंटों की देरी हो भी सकती है।

1987 में चौंकाने वाली खोज की गई, कि छोटे प्रतिक्रियाशील मूलक अणु नाइट्रिक ऑक्साइड हमारे शरीर में विशेष रूप से निर्मित होते हैं और स्तनधारी हृदय प्रणाली में एक प्रमुख संदेशवाहक के रूप में कार्य करते हैं। इस खोज के लिए 1998 में रॉबर्ट फर्चगोट, लुई इग्नारो और फेरिड मुराडो को फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

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