क्लोरीन (Chlorine) गैस के गुण, उपयोग और रोचक जानकारी Chlorine information in Hindi

क्लोरीन (Chlorine) के गुण, उपयोग और रोचक जानकारी

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Chlorine Gas in Hindi

क्लोरीन (Chlorine) गैस का परिचय 

क्लोरीन (Chlorine) एक गैस है, इसका वर्गीकरण अधातु (Non-Metal) के रूप में किया जाता है तथा  रासायनिक रूप से क्लोरीन एक तत्व है। क्लोरीन आवर्त सरणी के ग्रुप 17 में स्थित होता है, इस ग्रुप के सभी तत्वों को हैलोजन (Halogen) कहा जाता है। क्लोरीन का परमाणु भार 35.4527 AMU, परमाणु संख्या 17 तथा इसका सिंबल (Cl) होता है। आवर्त सारणी (Periodic Table) में क्लोरीन, ग्रुप 17, पीरियड 3 और ब्लॉक (P) में स्थित होता है। इसके परमाणु में 17 इलेक्ट्रान, 17 प्रोटोन, 18 न्यूट्रॉन तथा 3 एनर्जी लेवल होते है। क्लोरीन का घनत्व 3.214 ग्राम प्रति 1000 घन सेंटीमीटर होता है। क्लोरीन सामान्य तापमान पर गैस अवस्था में पायी जाती है, इसका गलनांक (पिघलने का तापमान) माइनस 101.5 डिग्री सेल्सियस (माइनस 150.7 डिग्री फेरेनाइट) होता है तथा इससे कम तापमान पर क्लोरीन गैस ठोस अवस्था में पायी जाती है। इसका क्वथनांक (उबलने का तापमान) माइनस 34.04 डिग्री सेल्सियस (माइनस 29.27 डिग्री फेरेनाइट) होता है। 

 

क्लोरीन की खोज स्वीडिश केमिस्ट कार्ल विल्हेल्म स्कीले (Carl Wilhelm Scheele) ने 1774 में की थी।

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Chlorine Gas Properties in Hindi

 

क्लोरीन (Chlorine) गैस के गुण 

  • क्लोरीन पिले-हरे रंग की विषाक्त गैस होती है। 
  • क्लोरीन गैस में बहुत तेज बदबूदार गंध होती है। 
  • क्लोरीन ज्वलनशील नहीं होती, परन्तु यह विशेष परिस्थितयों में ऑक्सीजन की तरह जलाने में सहायक होती है, कई पदार्थ ऐसे होते है जो ऑक्सीजन के वातावरण की तरह क्लोरीन गैस के वातावरण में भी जलाये जा सकते है। 
  • क्लोरीन रासायनिक रूप से अत्यंत सक्रीय गैस है, अतः यह प्रकृति में शुद्ध अवस्था में नहीं पायी जाती। 
  • क्लोरीन अक्रिय गैसों के अलावा सभी तत्वों से प्रतिक्रिया कर सकती है। 
  • क्लोरीन अधिकतर मेटल से प्रतिक्रिया करके क्लोराइड बनती है, लेकिन कुछ मेटल जैसे आयरन, प्लैटिनम, कॉपर और सिल्वर से क्लोरीन गैस 110 डिग्री सेल्सियस से कम के तापमान पर प्रतिक्रिया नहीं करती। 
  • क्लोरीन पानी में घुल जाती है, और हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) तथा ह्यपोक्लोरोअस एसिड (HClO) एसिड का निर्माण करती है। 
  • क्लोरीन गैस और हाइड्रोजन गैस पराबैंगनी रौशनी (Ultravoilet light) और नीली रौशनी (Blue Light) की उपस्थिति में विस्फोट के साथ प्रतिक्रिया करती है और हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl) गैस बनाती है। 

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क्लोरीन (Chlorine) गैस के उपयोग 

  • क्लोरीन का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग अन्य रसायनो को बनाने में किया जाता है। 
  • कुल उत्पादित क्लोरीन के 20% से अधिक का उपयोग PVC प्लास्टिक बनाने के लिए किया जाता है। 
  • क्लोरीन का उपयोग ऑक्सीडाइजिंग एजेंट के रूप में किया जाता है। 
  • क्लोरीन एक कीटाणुनाशक गैस है, यह बैक्टीरिया को मार सकती है, इसलिए इसका उपयोग पिने के पानी और स्विमिंग पुल के पानी का उपचार करने के लिए किया जाता है। 
  • क्लोरीन का उपयोग कई उधोगो में किया जाता है जैसे पेंट उधोग, कागज उद्योग, कीटनाशक उद्योग, प्लास्टिक उद्योग, टैक्सटाइल उद्योग, फार्मासूटिकल आदि।  
  • क्लोरीन का उपयोग एंटीसेप्टिक के रूप में किया जाता है। 

  • क्लोरीन का उपयोग क्लोरोफ्लोरोकार्बन का उत्पादन करने के लिए किया जाता था, इसका उपयोग एयर कंडिशनर में किया जाता था, परन्तु इससे धरती की ओजोन परत को घातक नुक्सान होता था, इसलिए अब क्लोरोफ्लोरोकार्बन पर प्रतिबन्ध लगाया जा चुका है।  
  • पुराने समय में क्लोरीन का उपयोग क्लोरोफॉर्म नमक एनस्थिसिया बनाने में किया जाता था, जिस पर  प्रतिबन्ध लगाया दिया गया है।  

 

क्लोरीन (Chlorine) गैस की रोचक जानकारी 

  • क्लोरीन पृथ्वी की पपड़ी में 19 वॉ  सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है। 
  • क्लोरीन एक विषाक्त गैस होती है, प्रथम विश्व युद्ध के समय इसका उपयोग रासायनिक हथियार के रूप में किया गया था। 
  • शुद्ध क्लोरीन गैस विषाक्त होती है, परन्तु इसके कई यौगिक जीवन लिए आवश्यक होते है जैसे सोडियम क्लोराइड (NaCl), जो की साधारण नमक होता है। 
  • लगभग 85% से अधिक फार्मासूटिकल उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया में किसी न किसी स्तर पर  क्लोरीन या इसके यौगिकों का उपयोग किया जाता है। 
  • क्लोरीन का उत्पादन सोडियम क्लोराइड NaCl (नमक) के घोल के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा किया जाता है। 
  • क्लोरीन साधारण हवा से लगभग ढाई गुना अधिक भारी होती है। 
  • पृथ्वी पर समुद्री जल के कुल भार का 1.9 प्रतिशत क्लोराइड आयन के कारण होता है।  
  • क्लोरीन से बनने वाली हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl) गैस और हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) दोनों का एक ही रासायनिक सूत्र (HCl) होता है। 
 

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