आर्गन गैस के उपयोग, इसके गुण और रोचक तथ्य Argon Gas in Hindi

आर्गन गैस के गुण, इसके उपयोग और रोचक जानकारी

Argon-Properties-uses-and-facts-in-Hindi, Argon in Hindi, Argon ke gun, Argon ke upyog, Argon ke rochak tathy, Argon ki Jankari, Argon kya hai, Argon Kya Hota Hai, Argon Gas uses,
Argon in Hindi

 

परिचय

आर्गन गैस का वर्गीकरण अधातु के रूप में किया जाता है, यह एक नोबल गैस है। रासायनिक रूप से आर्गन तत्व है। आर्गन गैस का घनत्व 1.784 ग्राम प्रति 1000 घन सेंटीमीटर होता है। आर्गन का सिंबल Ar होता है, तथा इसकी परमाणु संख्या 18 और इसका परमाणु भार 39.948 amu होता है। आर्गन के परमाणु में 18 इलेक्ट्रान, 18 प्रोटॉन, 22 न्यूट्रॉन और 3 एनर्जी लेवल होते है। आवर्त सारणी (Periodic Table) में आर्गन ग्रुप 18, पीरियड 3 और ब्लॉक् (P) में स्थित होता है। आर्गन सामान्य तापमान पर गैस अवस्था में पायी जाती है, इसका गलनांक (पिघलने का तापमान) -189.3 डिग्री सेल्सियस (-308.74 डिग्री फेरेनाइट) होता है, इससे कम तापमान पर यह गैस ठोस अवस्था में पायी जाती है, इसका क्वथनांक (उबलने का तापमान) -185.85 डिग्री सेल्सियस (-302.53 डिग्री फेरेनाइट) होता है।
 
आर्गन की खोज 1894 में स्कॉटिश केमिस्ट सर विलियम रामसे (Sir William Ramsay) ने की थी।
 

 

Argon-in-Hindi, Argon-ke-gun-upyog-or-rochak-tathy
Argon Gas Properties in Hindi

आर्गन के गुण 

  • आर्गन एक रंगहीन और गंधहीन गैस है। 
  • आर्गन रासायनिक रूप से निष्क्रिय गैस है। 
  • आर्गन गैस जल में ऑक्सीजन सामान ही घुलनशील होती है, तथा यह नाइट्रोजन गैस की तुलना में जल में ढाई गुना अधिक घुलनशील होती है। 
  • साधारण हवा की तुलना में आर्गन गैस गर्मी की अच्छी संवाहक नहीं होती है। 
  • आर्गन गैस में हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित करने पर यह बैंगनी रंग की रौशनी में चमकती है। 
  • आर्गन गैस प्रयोगशाला की विशेष परिस्थितियों में हाइड्रोजन और फ़्लोरिन के साथ मिलकर एक यौगिक का निर्माण करता है, जिसका नाम आर्गन फ्लोरोहाइड्राइट (HArF) है। यह यौगिक माइनस 256 डिग्री सेल्सियस से कम के तापमान पर ही स्थिर रहता है, इससे अधिक तापमान पर इस यौगिक का अपघटन हो जाता है, जिसके कारण इसका प्रयोगशाला में वैज्ञानिक अनुसन्धान के अतिरिक्त कोई अन्य उपयोग नहीं है।

👉आवर्त सारणी के सभी तत्वों की हिंदी में विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें,  (Click here for detailed information on Periodic Table Elements in Hindi)

 

आर्गन गैस के उपयोग 

  • आर्गन गैस का उपयोग निष्क्रिय वातावरण बनाने के लिए किया जाता है। 
  • टाइटेनियम धातु के उत्पादन में आर्गन गैस का उपयोग किया जाता है।  
  • वेल्डिंग के दौरान वेल्ड वेल्ड किये गए जोड़ को ऑक्सीजन से बचाने के लिए आर्गन गैस का उपयोग किया जाता है। 
  • फिलामेंट वाले बल्ब में आर्गन गैस का प्रयोग किया जाता है।   
  • ट्यूबलाइट में आर्गन गैस पारे की वाष्प के साथ प्रयोग जाती है  
  • लग्जरी कारों के टायरों में आर्गन गैस भरी जाती है।  
  • आर्गन गैस का उपयोग भूजल की डेटिंग में किया जाता है। 
  • आर्गन का उपयोग आर्गन लेजर और आर्गन डाई लेजर में किया जाता है। 
  • आर्गन डाई लेजर का उपयोग आँखों की शल्य चिकित्सा में किया जाता है। 

 

ऑर्गन के रोचक तथ्य 

  • आर्गन वायुमंडल में तीसरी सबसे अधिक मात्रा में पायी जाने वाली गैस है। 
  • पृथ्वी की पपड़ी में मौजूद रेडियोएक्टिव पौटेशियम-40 और कैल्शियम-40 के अपघटन से आर्गन गैस उत्पन्न होती है, यही वायुमंडल में उपस्थित ऑर्गन गैस का मुख्य स्रोत है।
  • वायुमंडल में लगभग 0.94% आर्गन गैस उपस्थित है।   
  • तरल हवा के आसवन (डिस्टिलेशन) के द्वारा आर्गन गैस का व्यावसायिक उत्पादन किया जाता है। 
  • सभी नोबल गैसों में आर्गन व्यावसायिक रूप से सबसे सस्ती गैस है, क्योकि यह गैस वातावरण में पर्याप्त मात्रा में उपस्थित है, इसलिए इसका उत्पादन अन्य नोबल गैसों की तुलना में आसानी से किया जा सकता है।
  • मंगल ग्रह के वायुमंडल में 1.4 प्रतिशत आर्गन गैस पायी जाती है। 
 

Leave a Comment

error: Content is protected !!